हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘अल-आमाली’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
رسول خدا صلیاللهعلیهوآله:
رُبَّ شَهْوَةِ سَاعَةٍ تُورِثُ حُزْنًا طَوِیلًا.
रसूले ख़ुदा हज़रत मुहम्मद (स.) ने फ़रमाया:
“कई बार क्षणभर की नफ़्सानी इच्छा लंबे समय के दुख का कारण बन जाती है।”
आमाली-ए-तूसी, पेज 533, हदीस 1162।
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